- उज्जैन में त्योहारों से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च, टावर चौक से नीलगंगा तक निकला मार्च; होली, रंगपंचमी और रमजान के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
- महाकाल में तड़के भस्म आरती, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट: पंचामृत अभिषेक, रजत मुकुट-त्रिपुण्ड से दिव्य श्रृंगार; “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंजा मंदिर
- उज्जैन में मंदिर क्षेत्र के पास युवक से मारपीट: युवती के साथ होटल जा रहा था, बजरंग दल ने रोका; मोबाइल में अश्लील फोटो-वीडियो होने का आरोप, पुलिस ने जब्त किया फोन
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट: रजत मुकुट, त्रिपुण्ड और पुष्पमालाओं से सजे बाबा, “जय श्री महाकाल” से गूंजा परिसर
- एमपी बजट 2026-27: सिंहस्थ के लिए 13,851 करोड़ का प्रस्ताव, उज्जैन में 3,060 करोड़ के नए विकास कार्य; 4.38 लाख करोड़ के कुल बजट में सिंहस्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
भूतड़ी अमावस्या आज: श्रद्धालु जहां हैं, वहीं रहकर करें पुण्य स्नान
Ujjain News: संक्रमण से बचना है तो भीड़ न लगाएं, प्रशासन ने की अपील
पर्व स्नान के लिए अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों से हर बार बड़ी संख्या में भीड़ रामघाट और अन्य तीर्थ स्थलों पर उमड़ती है। मंगलवार को भूतड़ी अमावस्या पर्व है, इसे लेकर प्रशासन को चिंता सता रही कि कहीं अधिक भीड़ न हो जाए। यही वजह है कि श्रद्धालुओं को नहीं आने की अपील की जा रही है। इसी तरह चौदस पर भगवान सिद्धवट को दूध-जल चढ़ाने और पितरों के निमित्त तर्पण आदि करने वालों की भीड़ जुटती है, जो कि इस बार नहीं उमड़ी। पुजारी पं. सुरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि इन दिनों कोरोना का भयंकर प्रभाव हो रहा है, सभी से यही अपील है कि भूतड़ी अमावस्या पर भी शहर न आएं, जो जहां है, वहीं स्नान करें और तीर्थ स्थलों का आह्वान करें। वही पुण्यफल प्राप्त होगा।
धर्म गुरुओं ने भी नहीं आने की बात कही थी
पिछले दिनों प्रशासन के साथ हुई बैठक में शहर के धर्मगुरुओं ने पर्व स्नान के लिए भूतड़ी अमावस्या पर अधिक संख्या में श्रद्धालुओं को शहर नहीं आने की बात कही थी। वहीं अब लॉक डाउन किया गया है। ऐसे में यहां आकर परेशान होने से अच्छा है, जो जहां है, वह वहीं रहकर स्नान-दान करें। वर्तमान में कोरोना वायरस का प्रभाव पूरे विश्व में फैल रहा है। धर्मगुरुओं ने कहा है कि श्रद्धालु जहां हैं, वहीं करें पुण्य स्नान, आने से उनकी ही नहीं, बल्कि सभी की परेशानी बढ़ सकती है। जागरुकता व स्वच्छता से ही हम इस संक्रामक वायरस का सामना कर सकते हैं।